सरकारी नौकरी एक को मिलती है, लेकिन फीस 1 करोड़ बच्चों से वसूली जाती है। अगर नौकरी नहीं दे सकते, तो बेरोजगार का पैसा रिफंड क्यों नहीं करते? सरकार छात्रों के पैसे से अपना खर्च क्यों चला रही है।
क्या आप राघव चड्ठा की बातों से सहमत है ?
दक्षता उपसंपादक:राजन क्षत्रिय






